Vakyansh Ek Shabd-39 (स से शुरू होने वाले वाक्यांश)

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Vakyansh Ek Shabd-39 / स से शुरू होने वाले वाक्यांश के लिए एक शब्द

वाक्यांश के लिए एक शब्द

अपनी बात को सही और संक्षिप्त रूप से रखना एक कला है. भाषा को सुंदर, आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए हर भाषा में कुछ ऐसे शब्द होते हैं जो किसी एक वाक्य के स्थान पर इस्तेमाल किये जा सकते हैं. ऐसा लेख को प्रभावशाली और संक्षिप्त बनाने के लिए किया जाता है. हिन्दी भाषा में भी कई शब्दों के स्थान पर एक शब्द बोल कर हम भाषा को प्रभावशाली एवं आकर्षक बनाते हैं। अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग करके भाषा की सुदृढ़ता, और भावों की गम्भीरता रखते हुये एक चुस्त शैली में कोई लेख या पद लिख सकते हैं.

अतः जब अनेक शब्दों के स्थान पर केवल एक शब्द का प्रयोग किया जाए तो उसे वाक्यांश (Vakyansh) के लिए एक शब्द या अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहते हैं Vakyansh Ek Shabd-39

उदाहरण 1: तुम उस औरत से क्या बात कर रहे थे जिसका पति मर चुका है?

वाक्यांश (Vakyansh) के लिए एक शब्द: तुम उस विधवा औरत से क्या बात कर रहे थे?

इस उदाहरण में जिसका पति मर चुका हो” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द विधवा” शब्द का प्रयोग किया गया है. आप देख सकते हैं कि इससे वाक्य ज्यादा सुन्दर और संक्षिप्त हो गया है.

उदाहरण 2: तुम उस पत्रिका को क्यों नहीं मंगाते जो महीने में एक बार आती है?

वाक्यांश (Vakyansh) के लिए एक शब्द: तुम उस मासिक पत्रिका को क्यों नहीं मंगाते?

इस उदाहरण में “जो महीने में एक बार आती है” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द “मासिक” शब्द का प्रयोग किया गया है. Vakyansh Ek Shabd-39

स से शुरू होने वाले वाक्यांश (Vakyansh) के लिए एक शब्द

वाक्यांश या शब्द-समूह शब्द
जो दया के साथ (दयालु) है सदय
जो सरलता से बोध्य (समझने योग्य) हो सुबोध
जो आसानी से पचता हो सुपाच्य
जहाँ मुफ़्त में खाना बँटता हो सदावर्त
सब कुछ खाने वाला सर्वभक्षी
एक ही जाति का सजातीय
जहाँ अनेक नदियों का संगम (मिलन) हो संगम
जो संगीत जानता है संगीतज्ञ
एक ही समय में उत्पन्न होने वाला समकालीन
जो सबको एकसमान देखता है समदर्शी
सत्य के प्रति आग्रह सत्याग्रह
जो सब जगह व्याप्त हो सर्वव्यापी
वह पुरुष जिसकी पत्नी साथ है सपत्नीक
जो सर्वशक्तिसंपन्न है सर्वशक्तिमान
समान वय वाला समवयस्क
समान (एक ही) उदर से जन्म लेने वाला सहोदर
एक ही समय में वर्तमान समसामयिक
जिसका आचार अच्छा हो सदाचारी
सड़ी हुई वस्तु की गंध सड़ाँध
जिसमें सात रंग हो सतरंग
अपने परिवार के साथ है जो सपरिवार
सहन करना जिसका स्वभाव है सहनशील
जो किसी सभा का सदस्य हो सभासद
जो सब कुछ जानता हो सर्वज्ञ
जो सबका प्यारा हो सर्वप्रिय
जिस स्त्री का पति जीवित हो सधवा
सबको जीतने वाला सर्वजित
जो सव्य (बायें हाथ से हथियार आदि चलाने में) सधा हुआ हो सव्यसाची
जो नाटक का सूत्र धारण (संचालन) करता है सूत्रधार
साहित्य से सम्बन्धित साहित्यिक
जिनकी ग्रीवा (गर्दन) सुन्दर हो सुग्रीव
स्वेद (पसीने) से उत्पन्न होने वाला स्वेदज
जो स्मरण करने योग्य है स्मरणीय/स्मर्तव्य
किसी काम में दूसरों से बढ़ने की इच्छा स्पर्द्धा
जो स्त्री के वशीभूत या उसके स्वभाव का हो स्त्रैण
जो स्वयं उत्पन्न हुआ हो स्वयंभू
अपना हित चाहने वाला स्वार्थी
अपनी इच्छा से दूसरों की सेवा करने वाला स्वयंसेवक
जो स्वयं ही सिद्ध (ठीक) हो स्वयंसिद्ध
न बहुत शीत (ठंडा) न बहुत उष्ण (गर्म) समशीतोष्ण
प्राणों पर संकट लाने वाला सांघातिक
जिसका कोई आकार हो साकार
सब लोगों से सम्बंध रखने वाला सार्वजनिक
सरस्वती का भक्त या सरस्वती से संबद्ध सारस्वत
एक सप्ताह में होने वाला साप्ताहिक
सब कालों में होने वाला सार्वकालिक
सब देशों से सम्बद्ध सार्वदेशिक
समस्त पृथ्वी से सम्बन्ध रखने वाला सार्वभौमिक
दूसरे के स्थान पर काम करने वाला स्थानापन्न
एक स्थान से दूसरे स्थान को जाना स्थानान्तरण
अपने ही बल पर निर्भर रहने वाला स्वावलम्बी
स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद का स्वातन्त्र्योत्तर
कुछ ख़ास शर्तों द्वारा कोई कार्य कराने का समझौता संविदा
समय से संबंधित सामयिक
जिसके लोचन (आँखें) सुंदर हों सुलोचन
जिसे सरलता से पढ़ा जा सके सुपाठ्‌य
शयन करने की इच्छा सुषुप्सा
जो अक्षर पढ़ना लिखना जानता हो साक्षर
सिंह का बच्चा सिंहशावक
जो आसानी से लब्ध (प्राप्त) हो सके सुलभ
सुन्दर हृदय वाला सुहृदय

Vakyansh Ek Shabd-39

इसे भी पढ़ें: ह से शुरू होने वाले वाक्यांशों के लिए एक शब्द

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