India Famous Rivers in Hindi / भारत की प्रमुख नदियाँ, उनके उद्गम स्थल एवं उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
भारत को नदियों का देश कहा जाता है. देश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में नदियों का प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सिन्धु तथा गंगा नदियों की घाटियों में ही विश्व की सर्वाधिक प्राचीन सभ्यताओं – सिन्धु घाटी तथा आर्य सभ्यता का आर्विभाव हुआ। आज भी देश की सर्वाधिक जनसंख्या एवं कृषि का संकेन्द्रण नदी घाटी क्षेत्रों में ही पाया जाता है। प्राचीन काल में व्यापारिक एवं यातायात की सुविधा के कारण देश के अधिकांश नगर नदियों के किनारे ही विकसित हुए थे तथा आज भी देश के लगभग सभी धार्मिक स्थल किसी न किसी नदी के किनारे स्थित हैं।
भारत की प्रसिद्ध नदियाँ और उनका महत्व
भारत एक नदी सभ्यता वाला देश है। यहाँ की नदियाँ न सिर्फ लोगों की प्यास बुझाती हैं, बल्कि खेती, बिजली उत्पादन, व्यापार, धर्म और संस्कृति से भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। यही कारण है कि भारत की नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है।
भारत की प्रमुख नदियाँ
भारत में कई बड़ी और प्रसिद्ध नदियाँ बहती हैं, जिनमें मुख्य हैं –
- गंगा नदी
- यमुना नदी
- ब्रह्मपुत्र नदी
- नर्मदा नदी
- गोदावरी नदी
- कृष्णा नदी
- कावेरी नदी
- सरस्वती (पौराणिक महत्व)
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
- गंगा नदी को हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र माना जाता है। गंगा स्नान से पापों के नष्ट होने की मान्यता है।
- यमुना नदी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है।
- कावेरी, गोदावरी और नर्मदा दक्षिण भारत के धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र हैं।
नदियाँ भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
कृषि में महत्व
भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और नदियाँ खेती के लिए जीवनरेखा हैं।
- गंगा और यमुना का मैदान उपजाऊ मिट्टी के लिए प्रसिद्ध है।
- पंजाब और हरियाणा की सिंचाई नदियों और नहरों से होती है।
- दक्षिण भारत की नदियाँ धान, गन्ना और दालों की खेती में सहायक हैं।
जलविद्युत उत्पादन और उद्योग
नदियों पर बनाए गए बाँध और जलाशय बिजली उत्पादन के लिए उपयोगी हैं।
- नर्मदा पर बने सरदार सरोवर बाँध से लाखों लोगों को बिजली और पानी मिलता है।
- भाखड़ा-नंगल बाँध सतलुज नदी पर बना है, जो बिजली और सिंचाई दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
व्यापार और परिवहन
प्राचीन समय से ही नदियाँ व्यापार और परिवहन का बड़ा साधन रही हैं।
- गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों पर जहाज चलाए जाते हैं।
- इससे माल ढुलाई सस्ती और आसान होती है।
पर्यावरण और जीवनदायिनी भूमिका
नदियाँ सिर्फ इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जानवरों और पेड़-पौधों के लिए भी जीवनदायिनी हैं।
- ये भूजल को रिचार्ज करती हैं।
- जंगलों और जैव विविधता को बनाए रखती हैं।
- प्रदूषण कम करने और मौसम संतुलित करने में मदद करती हैं।
भारत की नदी प्रणालियाँ
नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ है. नदी प्रणाली का मतलब नदियों के अपवाह क्षेत्र से है। उत्तरी भारत में सिंधु नदी, मध्य भारत में गंगा नदी, उत्तर-पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली तथा प्रायद्वीपीय भारत में नर्मदा, कावेरी, महानदी आदि नदियाँ विस्तृत नदी प्रणाली का निर्माण करती हैं।
भारत की प्रमुख नदियाँ: संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार
भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है। यहाँ की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का गहरा संबंध नदियों से रहा है। नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि वे हमारी सभ्यता, कृषि, आर्थिकी और धार्मिक आस्थाओं की धरोहर भी हैं। यही कारण है कि भारत को “नदियों का देश” कहा जाता है। आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं भारत की प्रमुख नदियों के बारे में।
भारत में नदियों का महत्व
भारत में नदियाँ जीवनदायिनी मानी जाती हैं। इन्हीं नदियों ने प्राचीन सभ्यताओं को जन्म दिया और आज भी करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार बनी हुई हैं।
- नदियाँ पीने का पानी, सिंचाई, बिजली उत्पादन और परिवहन में मदद करती हैं।
- धार्मिक दृष्टि से गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा जैसी नदियाँ पवित्र मानी जाती हैं।
- भारत की लगभग 70% कृषि नदियों पर ही निर्भर है।
भारत की प्रमुख नदियाँ और उनकी विशेषताएँ
1. गंगा नदी
- उत्पत्ति: गंगोत्री ग्लेशियर, उत्तराखंड से
- लंबाई: लगभग 2525 किलोमीटर
- गंगा को भारत की राष्ट्रीय नदी का दर्जा प्राप्त है।
- यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है।
- गंगा केवल जलधारा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है।
2. यमुना नदी
- उत्पत्ति: यमुनोत्री ग्लेशियर, हिमालय से
- लंबाई: लगभग 1376 किलोमीटर
- यमुना गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
- दिल्ली, आगरा और मथुरा जैसे बड़े शहर इसके किनारे बसे हैं।
- धार्मिक रूप से इसे भगवान कृष्ण की लीला भूमि से जोड़ा जाता है।
3. ब्रह्मपुत्र नदी
- उत्पत्ति: तिब्बत (मानसरोवर झील के पास) से
- लंबाई: लगभग 2900 किलोमीटर
- यह नदी असम और अरुणाचल प्रदेश से गुजरते हुए बांग्लादेश में पद्मा नदी कहलाती है।
- यह अपनी बाढ़ और उपजाऊ मिट्टी के लिए प्रसिद्ध है।
4. गोदावरी नदी
- उत्पत्ति: महाराष्ट्र के त्र्यंबक नासिक से
- लंबाई: लगभग 1465 किलोमीटर
- इसे “दक्षिण गंगा” कहा जाता है।
- यह महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से होकर गुजरती है।
5. नर्मदा नदी
- उत्पत्ति: अमरकंटक, मध्य प्रदेश से
- लंबाई: लगभग 1312 किलोमीटर
- यह पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है और अरब सागर में मिलती है।
- नर्मदा को भी धार्मिक दृष्टि से गंगा के समान पवित्र माना गया है।
6. कृष्णा नदी
- उत्पत्ति: महाबलेश्वर, महाराष्ट्र से
- लंबाई: लगभग 1400 किलोमीटर
- यह महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
- कृषि और सिंचाई के लिए यह प्रमुख नदी है।
7. कावेरी नदी
- उत्पत्ति: कर्नाटक के कोडगु जिले से
- लंबाई: लगभग 800 किलोमीटर
- यह कर्नाटक और तमिलनाडु की जीवनरेखा है।
- कावेरी पर कई बांध बने हैं, जिनसे बिजली और सिंचाई का बड़ा स्रोत मिलता है।
8. सतलुज नदी
- उत्पत्ति: रक्षसताल झील, तिब्बत से
- लंबाई: लगभग 1450 किलोमीटर
- यह पंजाब और हिमाचल प्रदेश से होकर बहती है।
- सतलुज नदी सिंधु नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
9. सिंधु नदी
- उत्पत्ति: तिब्बत के मानसरोवर से
- लंबाई: लगभग 3180 किलोमीटर
- यह पाकिस्तान की मुख्य नदी है, लेकिन इसका उद्गम भारत से ही होता है।
- सिंधु घाटी सभ्यता इसी नदी के किनारे विकसित हुई थी।
10. महानदी
- उत्पत्ति: छत्तीसगढ़ से
- लंबाई: लगभग 860 किलोमीटर
- यह छत्तीसगढ़ और ओडिशा की जीवनरेखा है।
- हीराकुंड बांध इसी नदी पर स्थित है।
भारत की प्रमुख नदियों की सूची (तालिका रूप में)
| नदी का नाम | उद्गम स्थल | लंबाई (किमी) | बहाव दिशा | राज्य/क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| गंगा | गंगोत्री ग्लेशियर | 2525 | पूर्व की ओर | उत्तराखंड, यूपी, बिहार, बंगाल |
| यमुना | यमुनोत्री ग्लेशियर | 1376 | दक्षिण-पूर्व | यूपी, दिल्ली, हरियाणा |
| ब्रह्मपुत्र | मानसरोवर के पास तिब्बत | 2900 | पूर्व की ओर | अरुणाचल, असम, बंगाल |
| गोदावरी | त्र्यंबक, महाराष्ट्र | 1465 | पूर्व की ओर | महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र |
| नर्मदा | अमरकंटक, मध्य प्रदेश | 1312 | पश्चिम की ओर | मध्य प्रदेश, गुजरात |
| कृष्णा | महाबलेश्वर, महाराष्ट्र | 1400 | पूर्व की ओर | महाराष्ट्र, कर्नाटक |
| कावेरी | कोडगु, कर्नाटक | 800 | पूर्व की ओर | कर्नाटक, तमिलनाडु |
| सतलुज | रक्षसताल, तिब्बत | 1450 | दक्षिण-पश्चिम | हिमाचल, पंजाब |
| सिंधु | मानसरोवर, तिब्बत | 3180 | दक्षिण-पश्चिम | लद्दाख, पाकिस्तान |
| महानदी | छत्तीसगढ़ | 860 | पूर्व की ओर | छत्तीसगढ़, ओडिशा |
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
भारत की नदियाँ सिर्फ भौगोलिक इकाइयाँ नहीं बल्कि धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं।
- गंगा स्नान को मोक्षदायी माना जाता है।
- यमुना को भगवान कृष्ण की प्रिय नदी कहा गया है।
- नर्मदा परिक्रमा आज भी करोड़ों लोगों द्वारा की जाती है।
नदियों की समस्याएँ
आज नदियाँ कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं:
- प्रदूषण: औद्योगिक कचरा और सीवेज सीधे नदियों में डाला जाता है।
- सूखना: अत्यधिक दोहन से कई नदियाँ धीरे-धीरे सूख रही हैं।
- बाढ़ और जलवायु परिवर्तन: मानसून और ग्लेशियर पिघलने से नदियों का संतुलन बिगड़ रहा है।
भारत की प्रमुख नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं। वे हमें जल, भोजन, ऊर्जा और आस्था सब कुछ देती हैं। जरूरत है कि हम इन नदियों को प्रदूषण और अतिक्रमण से बचाएँ। यदि हम अपनी नदियों की सुरक्षा करेंगे तो भविष्य की पीढ़ियाँ भी इन्हीं नदियों से जीवन और संस्कृति प्राप्त कर पाएँगी।
भारत की नदियाँ इस देश की प्राचीन सभ्यताओं का एक महत्वपूर्ण अंग है और हमारे देश के लगभग सभी धार्मिक स्थलो को जीवन देने वाली है.
नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में जहा आज भी नदियों की पूजा की जाती है, यहं हम आपको भारत की नदियों और उनके उदगम स्थल के बारे में कुछ रोचक तथ्य एवं जानकारी देने जा रहे हैं:
भारत की नदियों के उदगम स्थल के बारे में कुछ रोचक तथ्य
गंगा नदी
उदगम स्रोत – गंगोत्री हिमनद
लंबाई – 2,525 कि.मी
मुहाना – सुंदरवन, बंगाल की खाड़ी
गंगा नदी भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण एवं पवित्र नदी है जिसे माँ तथा देवी के रूप मे भी पूजा जाता है, इस नदी के तट पर कई धार्मिक स्थल है जिनका भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था की दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण योगदान है!
यमुना नदी
उदगम स्रोत – यमुनोत्री
लंबाई – 1,376 कि.मी
मुहाना – त्रिवेणी संगम, इलाहाबाद
यमुना नदी, गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यमुनोत्री नामक जगह से निकलती है और इलाहाबाद में गंगा तथा सरस्वती नदी से मिल जाती है!
सरस्वती नदी
सरस्वती नदी एक प्राचीन एवं पौराणिक काल की नदी है जिसका विवरण वेदों में भी है, यह भारत की तीसरी पवित्र नदी है तथा प्रयाग में तीन नदियों का संगम है (यमुना नदी, गंगा नदी और सरस्वती नदी).
कावेरी नदी
उदगम स्रोत – तालाकावेरी
लंबाई – 760 कि.मी
मुहाना – कावेरी डेल्टा, बंगाल की खाड़ी
कावेरी नदी दक्षिण भारत में गोदावरी और कृष्णा के बाद तीसरी सबसे बड़ी नदी है, इस नदी के किनारे बसा तिरुचिरापल्ली शहर हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है।
India Famous Rivers in Hindi
कृष्णा नदी
उदगम स्रोत – महाबलेश्वर
लंबाई – 1290 कि.मी
मुहाना – बंगाल की खाड़ी
कृष्णा नदी महाबलेश्वर पर्वत से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। इस नदी को हिंदुओं द्वारा पवित्र माना जाता है। और कहा जाता है की इस नदी मे स्नान करके लोगों के सभी पापों का अंत होता है.
गोदावरी नदी
उदगम स्रोत – त्रयंबकेश्वर
लंबाई – 1,465 कि.मी
मुहाना – बंगाल की खाड़ी
गोदावरी नदी जिसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है, महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है और आंध्र प्रदेश से बहते हुए बंगाल की खाड़ी मे जाकर मिलती है!
चम्बल नदी
उदगम स्रोत – जानापाव पर्वत
लंबाई – 966 कि.मी
मुहाना – यमुना
चंबल नदी महू से निकलती है और मध्य प्रदेश – राजस्थान के बीच सीमा बनती हुई उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना नदी से मिल जाती है! इसकी मुख्य सहायक नदिया शिप्रा, सिंध, कलिसिन्ध, ओर कुननों नदी है।
झेलम नदी
झेलम नदी शेषनाग झील से निकलती है और यह कश्मीर घाटी की सुन्दरता में चार-चाँद लगा देती है!
नर्मदा नदी
उदगम स्रोत – अमरकंटक
लंबाई – 1,312 कि.मी
मुहाना – खम्भात की खाड़ी, अरब सागर
नर्मदा नदी एक पवित्र, दिव्य व रहस्यमयी नदी है जिसका स्रोत अमरकंटक में नर्मदा कुंड से हुआ है! नर्मदा नदी, गोदावरी नदी और कृष्णा नदी के बाद पूर्ण रूप से भारत देश के अंदर बहने वाली तीसरी सबसे लंबी नदी है।
बेतवा नदी
उदगम स्रोत – होशंगाबाद
लंबाई – 590 कि.मी
मुहाना – यमुना
बेतवा नदी मध्य-प्रदेश के होशंगाबाद के उत्तर में विंध्य पर्वत से निकलकर विदिशा, ओरछा आदि जिलों से बहती हुई यमुना नदी मे जा मिलती है!
ब्रह्मपुत्र नदी
उदगम स्रोत – तिब्बत, कैलाश पर्वत
लंबाई – 2900 कि.मी
मुहाना – बंगाल की खाड़ी
ब्रह्मपुत्र नदी भारत की एक मात्र नदी है जिसका नाम पुल्लिंग है – शाब्दिक अर्थ ब्रह्मा का पुत्र, ब्रह्मपुत्र नदी एक बहुत लम्बी नदी है जिसका उद्गम तिब्बत में कैलाश पर्वत के निकट है!
भागीरथी नदी
उदगम स्रोत – गंगोत्री हिमनद
लंबाई – 205 कि.मी
मुहाना – गंगा
भागीरथी नदी, देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिलकर पवित्र गंगा नदी का निर्माण करती है. टिहरी बाँध भागीरथी नदी तथा दूसरी सहयोगी भीलांगना नदी के संगम पर बना है जो की विश्व का पाँचवा सबसे ऊँचा बाँध है!
अलकनंदा नदी
उदगम स्रोत – गंगोत्री हिमनद
लंबाई – 195 कि.मी
मुहाना – गंगा
अलकनंदा नदी, पवित्र गंगा के दो मुख्यधाराओं में से एक है और इसकी अधिक लंबाई और निर्वहन के कारण गंगा की स्रोत धारा माना जाता है!
महानदी नदी
उदगम स्रोत – धमतरी
लंबाई – 885 कि.मी
मुहाना – बंगाल की खाड़ी
महानदी का उद्गम रायपुर के समीप धमतरी जिले से हुआ है तथा यह छत्तीसगढ़ तथा उड़ीसा राज्यो से होकर विशाल रूप धारण कर बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है!
सोन नदी
उदगम स्रोत – अमरकंटक
लंबाई – 784 कि.मी
मुहाना – गंगा
सोन नदी अमरकंटक से निकलती है और यमुना नदी के बाद गंगा की दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है जो पहाड़ियों से गुजरते हुए पटना के समीप जाकर गंगा नदी में मिल जाती है।
जुवारी नदी
उदगम स्रोत – पश्चिमी घाट
लंबाई – 92 कि.मी
मुहाना – अरब़ सागर
जुवारी नदी गोवा राज्य में बहने वाली सबसे लम्बी नदी है और गोआ राज्य मे ही मांडोवी नदी से मिलकर बन्दरगाह के लिए मुहाना बनाकर अरब सागर में मिलती है!
मांडोवी नदी
मांडोवी नदी, ज़ुआरी नदी के साथ गोवा की दो प्रमुख नदियों में से एक है जो भारत के राज्य कर्नाटक और गोवा से होकर बहती है! मांडोवी नदी और जुवारी नदी आपस में मिलकर एक मुहाना बनाती हैं जो की गोवा के कृषि क्षेत्र का प्रमुख कारक हैं!
काली नदी
काली नदी कर्नाटक राज्य के उत्तरा कन्नड़ मे रहने वेल लोगो की जीवन रेखा है, सदाशिवगढ़ किला तटीय राजमार्ग के पास काली नदी के समीप स्थित एक बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल है!
सतलुज नदी
सतलुज नदी भी पंजाब में बहने वाली पाँचों नदियों में से एक है और इसकी लंबाई सबसे ज़्यादा है, इस नदी पर हिमाचल प्रदेश मे भाखड़ा नांगल बांध बनाया गया है!
सरयू नदी
सरयू नदी एक वैदिक कालीन नदी है जो हिमालय से निकलकर अयोध्या से होकर गंगा में मिल जाती है!
सिन्धु नदी
उदगम स्रोत – विदिशा
लंबाई – 470 कि.मी
मुहाना – यमुना
सिन्धु नदी, यमुना नदी की एक सहायक नदी है जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यो से बहती हुई चंबल नदी के संगम के बाद यमुना नदी से मिलती है!
India Famous Rivers in Hindi
काली सिन्ध नदी
काली सिन्ध नदी मध्यप्रदेश के देवास से निकलती है और राजस्थान राज्य से प्रवाहित होते हुए यह चम्बल नदी की सहायक नदी बन जाती है!
शरावती नदी
शरावती नदी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी हैं जो कर्नाटक राज्य के शिमोगा जिले से निकलती है और भारतभर में प्रसिद्ध जोग जल प्रपात बनती है!
चिनाब नदी
चिनाब नदी पंजाब क्षेत्र की 5 प्रमुख नदियों में से एक , यह नदी दो नदियों, चंद्र और भाग के संगम द्वारा बनती है जिसका महाभारत मे भी उल्लेख मिलता है!
शिप्रा नदी
उदगम स्रोत – धार
लंबाई – 196 कि.मी
मुहाना – चंबल नदी
क्षिप्रा नदी मध्य भारत मे बहाने वाली एक ऐतिहासिक नदी है, इस नदी के किनारे उज्जैन महाकाल ज्योतिर्लिंग है और चार स्थानो मे से एक कुम्भ का मेला इसी नदी के किनारे लगता है!
घाघरा नदी
घाघरा नदी नेपाल से होकर बहती हुई उत्तर प्रदेश एवं बिहार में प्रवाहित होती है तथा छपरा के बीच यह गंगा में मिल जाती है!
कोसी नदी
कोसी नदी बिहार मे बाढ से बहुत तबाही लाने वाली नदी है इसलिए इसे बिहार का अभिशाप भी कहा जाता , यह हिमालय की ऊँची पहाड़ियों से होते हुए गंगा में मिल जाती है।
इसे भी पढ़ें: भारत में सबसे बड़ा, सबसे लम्बा तथा सबसे ऊँचा
गंडक नदी
गंडक नदी नेपाल और बिहार में बहने वाली एक नदी का नाम है, यह हिमालय से निकलकर उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों के बीच सीमा निर्धारित करती हुई पटना के संमुख गंगा में पर मिल जाती है!
ताप्ती नदी
ताप्ती नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है यह लगभग 740 कि.मी लंबी है और खम्बात की खाड़ी में जाकर मिलती है! ताप्ती नदी का उद्गम स्थल मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से हुआ है और यह सूरत मे बन्दरगाह मुहाना बनाते हुए अरब सागर मे जा मिलती है!
तुंगभद्रा नदी
उदगम स्रोत – पश्चिमी घाट
लंबाई – 531 कि.मी
मुहाना – कृष्णा
तुंगभद्रा नदी कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बहती है और कृष्णा नदी में मिल जाती है, इस नदी का जन्म पश्चिमी घाट के गंगामूला नामक स्थान से तुंगा एवं भद्रा नदियों के मिलन से हुआ है और विश्व विख्यात शहर हंपी तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हुआ है!
India Famous Rivers in Hindi
मानस नदी
मानस नदी दक्षिणी भूटान और भारत के बीच तलहटी मे बहती है, यह भूटान की सबसे बड़ी नदी प्रणाली है आसम राज्य के जोगिगोपा में शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी में शामिल हो जाती है!
पेरियार नदी
उदगम स्रोत – पश्चिमी घाट
लंबाई – 244 कि.मी
मुहाना – अरब़ सागर
पेरियार नदी केरल राज्य के पश्चिमी घाट से निकलकर पश्चिम में प्रवाहित होती और अरब़ सागर से मिलती है, यह भारतीय राज्य केरल में सबसे बड़ी निर्वहन क्षमता वाली सबसे लंबी नदी है!
तीस्ता नदी
उदगम स्रोत – लहमो झील
लंबाई – 310 कि.मी
मुहाना – ब्रह्मपुत्र
तीस्ता नदी सिक्किम और जलपाइगुड़ी विभाग की मुख्य नदी है, इस नदी को सिक्किम राज्य की जीवनरेखा भी कहा जाता है, जो आगे जा कर और ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती!
हुगली नदी
हुगली नदी वास्तव मे गंगा नदी की ही एक शाखा है जो फराक्का बैराज से निकली है और पश्चिम बंगाल के माध्यम से दक्षिण की ओर बहती हुए अंत में बंगाल की खाड़ी मे जा मिलती है!
कोयना नदी
उदगम स्रोत – महाबळेश्वर
लंबाई – 130 कि.मी
मुहाना – कृष्णा
कोयना नदी पश्चिमी भारत की एक प्रमुख नदी है जो महाबालेश्वर से निकलती है और कृष्णा नदी की एक सहायक है जिसे महाराष्ट्र की लाइफ लाइन के रूप में जाना जाता है!
India Famous Rivers in Hindi
इसके अलावा अन्य प्रमुख नदियाँ हैं:
- रामगंगा नदी
- कोसी नदी
- गगास नदी
- विनोद नदी
- गंडक नदी
- घाघरा नदी
- चेनाब नदी
- ताप्ती नदी
- पद्मा नदी
- फल्गू नदी
- बागमती नदी
- महानंदा नदी
- रावी नदी
- व्यास नदी
- सुवर्णरेखा नदी
- हुगली नदी
- गोमती नदी
- माही नदी
| नदी | अपवाह क्षेत्र | |
|---|---|---|
| 1 | गंगा नदी | 2525 किलोमीटर |
| 2 | गोदावरी नदी | 1465 किलोमीटर |
| 3 | ब्रह्मपुत्र नदी | 2900 किलोमीटर |
| 4 | यमुना नदी | 1376 किलोमीटर |
| 5 | नर्मदा नदी | 1312 किलोमीटर |
| 6 | कावेरी नदी | 765 किलोमीटर |
| 7 | सिन्धु नदी | 3180 किलोमीटर |
| 8 | ताप्ती नदी | 724 किलोमीटर |
| 9 | कृष्णा नदी | 1400 किलोमीटर |
| 10 | महानंदी नदी | 858 किलोमीटर |
| 11 | बेतवा नदी | 590 किलोमीटर |
| 12 | सतलज नदी | 1450 किलोमीटर |
| 13 | चम्बल नदी | 660 किलोमीटर |
| 14 | चेनाब नदी | 660 किलोमीटर |
| 15 | रावी नदी | 720 किलोमीटर |
| 16 | कोसी नदी | 729 किलोमीटर |
| 17 | झेलम नदी | 725 किलोमीटर |
| 18 | ब्यास नदी | 470 किलोमीटर |
| 19 | घाघरा नदी | 1080 किलोमीटर |
| 20 | भागीरथी नदी | 205 किलोमीटर |
| 21 | गोमती नदी | 900 किलोमीटर |
| 22 | माही नदी | 583 किलोमीटर |
| 23 | तीस्ता नदी | 309 किलोमीटर |
| 24 | यारलुंग सान्ग्पो नदी | 2840 किलोमीटर |
| 25 | दामोदर नदी | 592 किलोमीटर |
| 26 | तुंगभद्रा नदी | 531 किलोमीटर |
| 27 | हुगली नदी | 260 किलोमीटर |
| 28 | भीमा नदी | 861 किलोमीटर |
| 29 | अलकनंदा नदी | 190 किलोमीटर |
| 30 | साबरमती नदी | 371 किलोमीटर |
| 31 | पद्मा नदी | 120 किलोमीटर |
| 32 | पन्ना नदी | 597 किलोमीटर |
| 33 | सुवर्णरेखा नदी | 470 किलोमीटर |
| 34 | रामगंगा नदी | 596 किलोमीटर |
| 35 | पेरियार नदी | 244 किलोमीटर |
| 36 | इन्द्रावती नदी | 535 किलोमीटर |
| 37 | मूसी नदी | 240 किलोमीटर |
| 38 | लूनी नदी | 495 किलोमीटर |
| 39 | वैगई नदी | 258 किलोमीटर |
| 40 | ब्राह्मणी नदी | 799 किलोमीटर |
| 41 | केन नदी | 427 किलोमीटर |
| 42 | बराक नदी | 900 किलोमीटर |
| 43 | कोयना नदी | 130 किलोमीटर |
| 44 | लोहित नदी | 450 किलोमीटर |
| 45 | तुंगा नदी | 147 किलोमीटर |
| 46 | बनास नदी | 512 किलोमीटर |
| 47 | घाटप्रभा नदी | 283 किलोमीटर |
निष्कर्ष
भारत की नदियाँ सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, धर्म, खेती, उद्योग और पर्यावरण का आधार हैं। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर हम नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखें तो आने वाली पीढ़ियाँ भी इनसे लाभ उठा सकेंगी।

Leave a Reply