Mauryan Period Glossary Hindi (विभिन्न परीक्षाओं के लिए उपयोगी मौर्यकालीन महत्वपूर्ण शब्दावली)
इस आर्टिकल में हम आपको कुछ मौर्यकालीन शब्दवाली (Mauryan period/era Glossary/vocabulary) के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो आपकी परीक्षा में काम आयेंगे. प्रायः मौर्य काल से सम्बंधित शब्दावली से विभिन्न परीक्षाओं में प्रश्न अवश्य ही पूछे जाते हैं:
मौर्यकालीन शब्दावली (Glossary of Mauryan Period)
| मौर्यकालीन शब्द | अर्थ |
| अहितक | अस्थायी दास जो स्वयं को बेचते थे |
| अपचिति | छोटे के प्रति उचित व्यवहार |
| आरामभूमि | जिस भूमि में उद्यान हो |
| आहार | छोटे प्रशासनिक क्षेत्र जो महामात्रों के अधीन थे |
| आटविक | वन राज्य |
| अंतपाल | सीमा क्षेत्र का सैन्य प्रभारी |
| अश्वदमक | शाही घोड़ों का प्रशिक्षक |
| अमात्य वर्ग | गुप्तचर विभाग का नियोक्ता |
| आमात्य | अधिकारी वर्ग |
| आर्यपुत्र | राजा के निकट सम्बन्धी |
| अंत महामात्र | सीमान्त अधिकारी जो जनता को धम्म व सभ्यता के उपदेश देते थे |
| अध्यक्ष | मंत्री या विभागाध्यक्ष |
| अग्रमहिषी | पटरानी |
| अकृष्ट | बिना जुती हुई भूमि |
| आकराध्यक्ष | खानों का अधिकारी |
| आदेव मातृक | जिस भूमि पर वर्षा न हो |
| अनुसंधान | अधिकारियों का धर्म प्रचार |
| अनिकासनी | ऐसी स्त्रियाँ जो घर से बाहर न जाती हों… |
| अग्निस्कंध | एक प्रकार की धर्मसभा |
| अंत्येवासिन | मिश्रित वर्ग |
| अनीकस्थ | शाही हाथियों का प्रशिक्षक |
| अग्रोनोमई | नगर के अधिकारी |
| अग्रामात्य | प्रमुख आमात्य |
| अक्षपटल | केन्द्रीय लेखा कार्यालय |
| अन्तर्वशिक | शाही हरम का अध्यक्ष |
| आयुधागार | राज शस्त्रागार |
| अराकोसिया | चन्द्रगुप्त को दहेज में मिले चार राज्यों में से एक |
| अवांगमुखी कमल | स्तम्भों का शीर्ष भाग |
| इफोरोई | अधिकारी |
| इंडिका | मेगास्थनीज की कृति (इसका मूलरूप उपलब्ध नहीं, पर यह स्ट्रोबे, प्लिनी व डायोडोरस के वर्णन पर आधारित है) |
| उट्ज | इस्पात |
| उपवास | काश्तकार |
| अवन्ति | मौर्य का एक प्रांत जिसकी राजधानी उज्जैन थी |
| उपराजा | राजा का नायब |
| उपगुप्त | उत्तरी भारत की अनुश्रुति के अनुसार अशोक को बौद्ध धर्म में दीक्षित करने वाला |
| एरिया | चन्द्रगुप्त मौर्य को दहेज में प्राप्त प्रांत |
| एंटियोकस प्रथम | सेल्यूकस का उत्तराधिकारी जिसने बिन्दुसार के पास डाइमेकस नामक दूत भेजा |
| कृष्ट | जुती हुई भूमि |
| कुप्याध्यक्ष | वन सम्पत्ति का अध्यक्ष |
| कुमार | प्रांतीय शासक (शासक वर्ग से होता था) |
| कंटशोधन | फौजदारी न्यायालय |
| कृत्यगृह | वन उत्पादों का भण्डारगृह |
| कुणाल | अशोक का उत्तराधिकारी |
| कोषगृह | कोषागार |
| कार्मातिक | धान्य कर्मशाला |
| कर्मकार | खेत मजदूर |
| गोध्यक्ष | पशु विभागाध्यक्ष |
| खट्टालक | बिन्दुसार का मंत्री जिसने अशोक को राजा बनने में मदद दी |
| खावेटिक | 200 गाँवों का न्यायालय |
| ग्रामणी | ग्रामीण प्रशासन का उत्तरदायी कर्मचारी |
| गोप | छोटे स्तर का राजस्व अधिकारी |
| ग्रामकूट | ग्राम प्रधान |
| गूढ़ पुरुष | गुप्तचर |
| गेहविजय | राहुलोवादसुत्त का दूसरा नाम, जिससे धम्म का सार लिया गया |
| धम्म | अशोक द्वार प्रतिपादित नैतिक धर्म |
| धम्ममहामात्र | अशोक के राज्यारोहण के 14वें वर्ष नियुक्त, इसका कार्य जनता को धम्म समझाना व धर्म के प्रति रुचि पैदा करना |
| धर्मविवर्धन | कुणाल का विरुद |
| धर्म-चक्र-प्रवर्तन | सारनाथ में बुद्ध द्वारा पाँच ब्राह्मणों को दिया गया प्रथम उपदेश |
| चार | गुप्तचर |
| चक्र | प्रांत |
| चांडिय | उग्र व्यवहार से बचाव |
| दौवारिक | राजप्रसाद का द्वारपाल |
| दण्डपाल | पुलिस मंत्री |
| दुर्गपाल | गृह रक्षामंत्री |
| द्रोणमुख | 400 गाँवों का न्यायालय |
| दायक | राजा से सीधे आदेश प्राप्तकर्ता अधिकारी |
| देवाध्यक्ष | धार्मिक संस्थाओं का अध्यक्ष |
| द्रत्यवन | ऐसे वन जहाँ लकड़ी, लोहा व अन्य धातुएँ मिलती हैं |
| तीर्थ | अधिकारियों के विभाग |
| तक्षशिला | मौर्यों का प्रांत |
| धर्मस्थीय | दीवानी न्यायालय |
| नही | शूद्र का दास |
| नायक | नगर कोतवाल |
| नगरक | नगर मजिस्ट्रेट |
| नावाध्यक्ष | जहाजों का अध्यक्ष |
| नीवी ग्राहक | कोषाध्यक्ष |
| नायक पदादिनेत | पैदल सेना प्रमुख |
| निग्रोध | अशोक के बड़े भाई सुमन का पुत्र, जो भिक्षु था व जिसने अशोक को दीपवंश के अनुसार बौद्ध धर्म में दीक्षित किया |
| प्रादेशिक | जिलाधिकारी |
| प्रणय | आपातकालीन कर |
| पादात | पैदल |
| पत्तनाध्यक्ष | बन्दरगाह नगर प्रमुख |
| पाण्याध्यक्ष | वस्तुओं की खरीद-बिक्री का नियंत्रणकर्ता |
| प्रशास्ता | सेनापति के अधीन युद्ध कार्यालय |
| प्रवहरण | सामूहिक समारोह |
| प्रदेष्टा | नैतिक अपराधों का मुख्य न्यायाधीश |
| परिषा | मंत्रिपरिषद |
| पुलसिन | जनसम्पर्क अधिकारी |
| पौतवाध्यक्ष | माप-तौल का अध्यक्ष |
| प्लूटार्क | इसके अनुसार चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी दिये |
| पेरीपेमिसदाई | चन्द्रगुप्त मौर्य को दहेज में मिला प्रांत |
| पौर | राजधानी का प्रशासक |
| प्रतिवेदक | राजा के समाचार वाहक |
| वज्रभूमिक | गौशाला निरीक्षक |
| बंधनागाराध्यक्ष | कारागृह अध्यक्ष |
| बुद्धशाक्य | राज्याभिषेक से सम्बन्धित लघु शिलालेख में अशोक ने अपने को कहा |
| बृहद्रथ | अंतिम मौर्य सम्राट |
| ब्रह्मदेय | राजा के शिक्षक, पुरोहित व वेदपाठी ब्राह्मण को दी जाने वाली भूमि |
| भिक्षुकी | महिला गुप्तचर |
| भृत | भाड़े के सैनिक |
| भाग | भूमिकर में राजा का हिस्सा |
| भोगागम | जेट्ठकों को निर्वाह हेतु ग्राम की ओर से मिलने वाला कर |
| मानवक | गुप्तचर |
| मूलवाप | जिस भूमि में जड़ वाली खेती हो |
| मगध | चाट या चारण |
| महामात्यापसर्प | गुप्तचर विभाग का अध्यक्ष |
| मूषिक कर | प्लेग फैलने पर नागरिकों से लिया जाने वाला कर |
| मित्रबल | मित्र राज्य की सेना |
| मेगास्थनीज | चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया राजदूत |
| मौहूर्तिक | राज ज्योतिष |
| मौल | प्रान्तीय सैन्य टुकड़ी युक्त खोई हुई सम्पत्ति प्राप्त होने पर उसकी रक्षा करने वाला अधिकारी |
| योनिपोषक | राजभवन का पशु अधिकारी |
| युक्त | जिला कोषाध्यक्ष या शाही सचिवालय का लेखा अधिकारी |
| रक्षिण | पुलिसकर्मी (आन्तरिक) |
| रथिक | सारथी |
| रज्जु | भूसर्वेक्षण से सम्बन्धित कर |
| राष्ट्रमुख्य | राज्यपाल, राष्ट्रपाल या ईश्वर |
| रंगोपजीवी | पुरुष कलाकार |
| रूपाजीवा | मुक्त रूप से वेश्यावृत्ति करने वाली |
| रूपदर्शक | सिक्के का अधिकारी |
| राजुक | चौथे स्तम्भ लेख के अनुसार अशोक कहता है कि मैंने प्रजा के सुख व कल्याण के लिए राजुकों की नियुक्ति की है, 26वें वर्ष अशोक ने स्वतन्त्रतापूर्वक कार्य करने की इजाजत दी |
| लक्षणाध्यक्ष | मुद्रा विभाग का निरीक्षक |
| लवणाध्यक्ष | नमक विभाग का अध्यक्ष |
| शण्ड भूमि | फल उगाने वाली भूमि |
| विविताध्यक्ष | चारागाहों का प्रमुख |
| वार्ता | व्यापार, पशुपालन व कृषि का संयुक्त शब्द |
| वात भूमि | गन्ना उगाये जाने वाली भूमि |
| वर्धकी | राज बढ़ई |
| वोहारिक | न्याय प्रशासन महामात्र |
| शूनाध्यक्ष | बूचड़खाना अध्यक्ष |
| शुल्काध्यक्ष | उत्पाद शुल्क अध्यक्ष |
| शैलखनक | मूर्तिकार |
| शून्यपाल | राजा के बाहर होने पर यह अधिकार उसका भार लेता था |
| संस्था | एक स्थान पर कार्य करने वाले गुप्तचर |
| संचारा | भ्रमणशील गुप्तचर |
| सामन्त दुर्ग | विदेशी राजा का दुर्ग |
| समाहर्ता | राजस्व वसूलने वाला |
| सप्तांग | कौटिल्य के अनुसार राज्य के जरूरी सात तत्त्व – 1. राजा, 2. अमात्य, 3. जनपद, 4. दुर्ग, 5. कोष, 6. सेना, 7. मित्र |
| सीताध्यक्ष | कृषि विभाग का अध्यक्ष |
| सन्निधाता | कोषाध्यक्ष |
| सीता | सरकारी भूमि से आय |
| संस्थाध्यक्ष | व्यापारिक मार्गों का प्रमुख |
| संग्रहण | 10 ग्रामों का मुख्यालय |
| स्थानिक | जिला राजस्व अधिकारी |
| सुराध्यक्ष | आबकारी अध्यक्ष |
| सुत्राध्यक्ष | कताई-बुनाई अध्यक्ष |
| हिरण्य | नकद लिया जाने वाला कर |
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